तीन मुख़्तलिफ़ मिज़ाज महिलाओं का क़िस्सा
क़िस्त सोमहमारे बीबीसी पहुंचने के कुछ ही समय बाद रमा पाण्डे और नरेश कौशिक भी वहां आ शामिल हुए थे. दोनों आख़िरी दौर तक बीबीसी के उम्मीदवारों की सफ़ में हमारे साथ-साथ थे. संयोग की बात कि मनोज भटनागर (जो अब...
View Articleतीन मुख़्तलिफ़ मिज़ाज महिलाओं का क़िस्सा
क़िस्त दोयमअगर हम वाक़फ़ियत के लिहाज़ से चलें तो सबसे पहले हमारी जान-पहचान अचला शर्मा से हुई, जो हमारे बीबीसी से चले आने के बरसों बाद वहां की कामयाब प्रोग्राम और्गनाइज़र यानी प्रमुख बनीं और काफ़ी मक़बूल साबित...
View Articleतीन मुख़्तलिफ़ मिज़ाज महिलाओं का क़िस्सा
क़िस्त अव्वलसाहबो,जब-जब हम फ़ेसबुक पर आते हैं, हमें अपनी अज़ीज़ा गीताश्री का ख़याल हो आता है. ये क़िस्सा उन्हीं के मुतल्लिक़ है. और उनके हवाले से हमारी दो और दोस्तों से.जिन क़द्रदानों ने हमारे क़िस्सों पर...
View Articleएक औलिया की ज़बानदानी
दोस्तो,इधर कुछ दिनों से हमें ये ख़दशा बुरी तरह सताने लगा है कि रफ़्त:-रफ़्त: हम औलियों की कोटि में पहुंचनेे वाले हैं. बात यों है कि जब लोग हम जैसे सीधे-सादे (अपनी तरफ़ के गांव-जवार की बोली में कहें तो...
View Articleमुसन्निफ़ की तलाश में
मुसन्निफ़ की तलाश मेंएक किताब का ख़ाकाबया उरीद गर ईं जा बुवद ज़बाँदाने ग़रीबे-शहर सुख़नहा-ए-गुफ़्तनी दारद((ज़बानें जानता हो जो बुला के लाओ उसेशहर में एक परदेसी बताना चाहे बहुत कुछ))-- ग़ालिबदोस्तो, जैसे-जैसे...
View ArticleArticle 17
चट्टानी जीवन का संगीत चौदहवीं कड़ी17.जब मैं ने हौक को सुना मैंने लम्बे राग बजाना सीखा-- माइल्स डेविस कोलमैन हॉकिन्स (1904-69) से पहले हालांकि कुछ लोग टेनर सैक्सोफ़ोन बजाते थे, लेकिन इस वाद्य को जैज़ के...
View Articleजैज़ संगीत पर एक लम्बा आलेख
चट्टानी जीवन का संगीत चौदहवीं कड़ी17.जब मैं ने हौक को सुना मैंने लम्बे राग बजाना सीखा-- माइल्स डेविस कोलमैन हॉकिन्स (1904-69) से पहले हालांकि कुछ लोग टेनर सैक्सोफ़ोन बजाते थे, लेकिन इस वाद्य को जैज़ के...
View Articleजैज़ संगीत पर एक लम्बा आलेख
चट्टानी जीवन का संगीत तेरहवीं कड़ी16.अगर आपको यह पूछना पड़े कि जैज़ क्या है तो आप कभी नहीं जान पायेंगे. -- लूई आर्मस्ट्रौंगसिड्नी बेशेत अगर किंग औलिवर के बाग़ी शागिर्द थे, अवसाद और बौद्धिकता की अपनी ही...
View Articleजैज़ संगीत पर एक लम्बा आलेख
चट्टानी जीवन का संगीत बारहवीं कड़ी15.जैज़ रोज़मर्रा की धूल को धो कर साफ़ कर देता है.-- आर्ट ब्लेकीयक़ीनन, ग़ुलामों के पास खोने के लिए अपनी बेड़ियों के सिवा और कुछ नहीं होता. लेकिन जो लोग अपनी सरज़मीन से उखाड़...
View Articleजैज़ संगीत पर एक लम्बा आलेख
चट्टानी जीवन का संगीतग्यारहवीं कड़ी13.प्यार की तरह झरते हुए स्वर : सिड्नी बेशेत--फ़िलिप लार्किनकिंग औलिवर के दौर ही में यानी पहले विश्वयुद्ध के बाद सन बीस के दशक में जैज़ संगीत में एक नया मोड़ भी आया था।...
View Articleजैज़ संगीत पर एक लम्बा आलेख
चट्टानी जीवन का संगीतदसवीं कड़ी11.किसी क़ौम की सबसे सच्ची अभिव्यक्ति उसके संगीत और नृत्य में है-- अफ़्रीकी कहावतन्यू ऑर्लीन्स के बहुत से जैज़ संगीतकारों के लिए देश के बाकी हिस्से की ओर जाने वाला सबसे बड़ा...
View Articleजैज़ संगीत पर एक लम्बा आलेख
चट्टानी जीवन का संगीतनवीं कड़ी10.अगर संगीत एक स्थान है तो जैज़ एक नगर है --वेरा नज़ारियनसच तो यह है कि न्यू ऑर्लीन्स की चर्चा के बग़ैर जैज़ की चर्चा करना सम्भव नहीं। और देखा जाये तो न्यू ऑर्लीन्स था भी ऐसा...
View Articleजैज़ संगीत पर एक लम्बा आलेख
चट्टानी जीवन का संगीत आठवीं कड़ी9. जैज़ का एक पहलू उसके वाद्यों से जुड़ा हुआ है. एकदम शुरुआत में जब अफ़्रीका से ला कर ग़ुलाम बनाये गये लोगों को ढोल-नगाड़े बजाने की भी इजाज़त नहीं थी, उनके पास ले-दे कर अपनी...
View Articleअपने आप से लम्बी बहुत लम्बी बातचीत
#अपने आप से एक लम्बी बहुत लम्बी बातचीत करने के लिए तुम ढूँढते रहे होइस शहर के सम्पूर्ण विस्तार मेंकोई एक निजी और बेहद अकेली जगहजो कहीं भी तुम्हें अपने आप से अलग नहीं होने देगी2.सारे का सारा दिनएक डूबता...
View Articleसोहबते-ग़ालिब
पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन हैकोई बतलाओ कि हम बतलायें क्याआगरे से आ कर दिल्ली को मुस्तकिल तौर पर अपना घर बना लेने वाले हमारे महबूब शायर मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ां ग़ालिब (१७९७-१८६९) का ज़िक्र इतनी मर्तबा हो चुका...
View Articleजैज़ पर लम्बा आलेख
चट्टानी जीवन का संगीत सत्ताईसवीं और समापन कड़ी31.जैज़ के इस लम्बे सफ़र में हम उसके स्रोत से धीरे-धीरे निकलने वाली पतली-सी धार से ले कर उसके एक महानद बनने तक का विकास देख आये हैं. जैसा कि हमने कहा 1960 तक...
View Articleजैज़ पर लम्बा आलेख
चट्टानी जीवन का संगीत छब्बीसवीं कड़ी30.1958 में जैज़ संगीत का एक ऐल्बम आया जिसमें सिर्फ़ सैक्सोफ़ोन, बेस और ड्रम -- तीन वाद्य इस्तेमाल किये गये थे. न पियानो था, न ट्रम्पेट और न और कोई वाद्य. ऐल्बम के आवरण...
View Articleजैज़ पर लम्बा आलेख
चट्टानी जीवन का संगीत पच्चीसवीं कड़ी29.जौन कोल्ट्रेन के अनुयायियों में से आर्ची शेप्प पहले सेक्सोफ़ोन वादक हैं, जिन्हें भरपूर सराहना मिली। आर्ची शेप में और्नेट कोल्ट्रेन की तरह रूढ़ियों को तोड़ने का जज़्बा...
View Articleजैज़ पर लम्बा आलेख
चट्टानी जीवन का संगीत चौबीसवीं कड़ी28.और्नेट कोलमैन के ही एक अत्यन्त सावधान और हमदर्द श्रोता थे जॉन कोल्ट्रेन (1926 – 1967), जिन्होंने जैज़ के क्षेत्र में अगली कड़ी जोड़ी।कोल्ट्रेन की कहानी एक ऐसे आदमी...
View Articleजैज़ पर लम्बा आलेख
चट्टानी जीवन का संगीत तेईसवीं कड़ी27.इसी समय मिंगस और माइल्स से उमर में कुछ साल छोटे, लेकिन लीक से हट कर चलने की वैसी ही ज़िद रखने वाले संगीतकार थे सैक्सोफ़ोन वादक और्नेट कोलमैन (1930- ), जिनके उस ऐल्बम...
View Article